Hindi Practice Question and Answer
8 Q: 'मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त' लोकोक्ति का भावार्थ है:
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63a1b28821b1fe5f1a2cea3a- 1सुस्त व्यक्ति का काम चुस्त-दुरुस्त व्यक्ति से ही चलता है।false
- 2स्त व्यक्ति को चुस्त व्यक्ति से सचेत रहना चाहिए।false
- 3सुस्त और चुस्त व्यक्ति का बेमेल संयोग होना।false
- 4जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।true
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Answer : 4. "जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।"
Q: दिए गए शब्दों के आधार पर उत्तर दीजिए –
( i ) केकी, ( ii ) विहंग, ( iii ) खग, ( iv ) पिक
उपर्युक्त शब्दों में ' पक्षी' के पर्यायवाची कौन-से हैं ?
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5e638df1459dbd7762e88fbb( i ) केकी, ( ii ) विहंग, ( iii ) खग, ( iv ) पिक
उपर्युक्त शब्दों में ' पक्षी' के पर्यायवाची कौन-से हैं ?
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- 3( iii ) एवं ( iv )false
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Answer : 2. "( ii ) एवं ( iii ) "
Q: 'बिनबोया' में कौनसा उपसर्ग है?
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63908cd134f83f14729ee864- 1बिनtrue
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Answer : 1. "बिन"
Explanation :
1. 'बिनबोया' शब्द में 'बिन' उपसर्ग है। 'बिन' उपसर्ग का अर्थ है 'बिना' या 'नहीं'। इसलिए, 'बिनबोया' का अर्थ है 'बिना बोये हुए' या 'नहीं बोया हुआ'।
2. 'बिन' उपसर्ग से बने शब्द हैं - बिनकाम, बिनब्याहा, बिनखाया, बिनबोया, बिनचखा, बिनजाना, बिनदेखा।
Q: 'खानपान' में कौन सा समास है?
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611f567d8633c06c8101797a- 1द्वंद्वtrue
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Answer : 1. "द्वंद्व"
Q: किस विकल्प के शब्द क्रमश: 'कृपा' और 'महल' के अर्थ के द्योतक हैं?
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625932f9f5fb9a2759f2c2d6- 1प्रासाद - प्रसादfalse
- 2प्रसाद - प्रासादtrue
- 3आवास- आभासfalse
- 4आभास - आवासfalse
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Answer : 2. "प्रसाद - प्रासाद "
Q: कार्यालयी पत्र के संदर्भ में असत्य कथन है
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5e5e2c61074319409ea621d6- 1पत्रांक एवं दिनांक का प्रयोग होता है ।false
- 2पत्र - शीर्ष कागज के ऊपर दाये कोने में लिखा जाता है ।true
- 3हाशिये से थोड़ा हटकर प्रेषिति को संबोधित किया जाता है ।false
- 4पत्र का पृष्ठांकन किया जाता है ।false
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Answer : 2. "पत्र - शीर्ष कागज के ऊपर दाये कोने में लिखा जाता है । "
Q: ‘learning’ शब्द के लिए हिन्दी भाषा मे उचित पारिभाषिक शब्दावली का चयन करे ।
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619391237bb36362afc0f30a- 1रटनाfalse
- 2अधिगमtrue
- 3प्रविणताfalse
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Answer : 2. "अधिगम"
Q:प्रस्तुत गद्यांश को पढ़िए और उचित विकल्पों का चयन करके उत्तर दीजिये –
19वीं शताब्दी से पहले मानव और पशु दोनों की आबादी भोजन की उपलब्धता तथा प्राकृतिक विपदाओं आदि के कारण सीमित रहती थी । कालांतर में जब औद्योगिक क्रांति के कारण मानव सभ्यता की समृद्धि में भारी वृद्धि हुई तब उसके परिणामस्वरूप कई पश्चिमी देश ऐसी बाधाओं से लगभग अनिवार्य रूप से मुक्त हो गए । इससे वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया कि अब मानव जनसंख्या विस्फोटक रूप से बढ़ सकती है। परंतु इन देशों में परिवारों का औसत आकार घटने लगा था और जल्दी ही समृद्धि और प्रजनन के बीच एक उल्टा संबंध प्रकाश में आ गया था।
जीव विज्ञानियों ने मानव समाज की तुलना जानवरों की दुनिया से कर इस संबंध को समझाने की कोशिश की और कहा कि ऐसे जानवर जिनके अधिक बच्चे होते हैं वह अधिकतर प्रतिकूल वातावरण में रहते हैं और यह वातावरण प्रायः उनके लिए प्राकृतिक खतरों से भरे रहते हैं क्योंकि इनकी संतानों के जीवित रहने की संभावना कम होती है। इसलिए कई संतानें पैदा करने से यह संभावना बढ़ जाती है कि उनमें कम से कम एक या दो जीवित रहेंगे ।इसके विपरीत जिन जानवरों के बच्चे कम होते हैं वे स्थिर और अनुकूल वातावरण में रहते हैं। ठीक इसी प्रकार यदि समृद्ध वातावरण में रहने वाले लोग केवल कुछ ही बच्चे पैदा करते हैं तो उनके यह कम बच्चे उन बच्चों को पछाड़ देंगे जिनके परिवार इतनी समृद्ध नहीं थे तथा इनकी आपस की प्रतिस्पर्धा भी कम होगी।
इस सिद्धांत के आलोचकों का तर्क है कि पशु और मानव व्यवहार की तुलना नहीं की जा सकती । इसके बजाय यह तर्क देते हैं कि सामाजिक दृष्टिकोण में परिवर्तन इस घटना को समझाने के लिए पर्याप्त है। श्रम आश्रित परिवारों में बच्चों की बड़ी संख्या एक वरदान के समान होती है। वे जल्दी काम कर परिवार की आय बढ़ाते हैं। जैसे जैसे समाज समृद्ध होता जाता है वैसे वैसे बच्चे जीवन के लगभग पहले 25 से 30 सालों तक शिक्षा ग्रहण करते हैं। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में उर्वरता अधिक होती है तथा देर से विवाह के कारण संतानों की संख्या कम हो जाने की संभावना बनी रहती है
अंतिम अनुच्छेद निम्नलिखित में से कौन सा कार्य करता है ?
1719 0626f9e80e1e2a840c35a6f17
626f9e80e1e2a840c35a6f17जीव विज्ञानियों ने मानव समाज की तुलना जानवरों की दुनिया से कर इस संबंध को समझाने की कोशिश की और कहा कि ऐसे जानवर जिनके अधिक बच्चे होते हैं वह अधिकतर प्रतिकूल वातावरण में रहते हैं और यह वातावरण प्रायः उनके लिए प्राकृतिक खतरों से भरे रहते हैं क्योंकि इनकी संतानों के जीवित रहने की संभावना कम होती है। इसलिए कई संतानें पैदा करने से यह संभावना बढ़ जाती है कि उनमें कम से कम एक या दो जीवित रहेंगे ।इसके विपरीत जिन जानवरों के बच्चे कम होते हैं वे स्थिर और अनुकूल वातावरण में रहते हैं। ठीक इसी प्रकार यदि समृद्ध वातावरण में रहने वाले लोग केवल कुछ ही बच्चे पैदा करते हैं तो उनके यह कम बच्चे उन बच्चों को पछाड़ देंगे जिनके परिवार इतनी समृद्ध नहीं थे तथा इनकी आपस की प्रतिस्पर्धा भी कम होगी।
इस सिद्धांत के आलोचकों का तर्क है कि पशु और मानव व्यवहार की तुलना नहीं की जा सकती । इसके बजाय यह तर्क देते हैं कि सामाजिक दृष्टिकोण में परिवर्तन इस घटना को समझाने के लिए पर्याप्त है। श्रम आश्रित परिवारों में बच्चों की बड़ी संख्या एक वरदान के समान होती है। वे जल्दी काम कर परिवार की आय बढ़ाते हैं। जैसे जैसे समाज समृद्ध होता जाता है वैसे वैसे बच्चे जीवन के लगभग पहले 25 से 30 सालों तक शिक्षा ग्रहण करते हैं। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में उर्वरता अधिक होती है तथा देर से विवाह के कारण संतानों की संख्या कम हो जाने की संभावना बनी रहती है
- 1यह वर्णन करता है कि समाज के समृद्ध होने के साथ सामाजिक दृष्टिकोण कैसे बदलते हैंfalse
- 2यह दूसरे अनुच्छेद में प्रस्तुत घटना की व्याख्या करता हैfalse
- 3यह पहले अनुच्छेद में वर्णित घटना के लिए एक वैकल्पिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करता हैtrue
- 4यह दूसरे अनुच्छेद में प्रस्तुत स्पष्टीकरण की आलोचना करता हैfalse
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