General Hindi Question and Answer Practice Question and Answer
8 Q: इनमें से किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं?
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629f101ddf19be4c4af2c0b2- 1प्रतिनिधिक, पैतृकfalse
- 2अभ्यस्थ, आगामीfalse
- 3चरमोत्कर्ष, चवालीसtrue
- 4फाल्गुन, पुज्यfalse
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Answer : 3. "चरमोत्कर्ष, चवालीस "
Q: 'वागीश' शब्द में कौनसी संधि है?
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63908b7c34f83f14729ee6c1- 1व्यंजन संधिtrue
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Answer : 1. "व्यंजन संधि"
Explanation :
1. 'वागीश' शब्द में व्यंजन संधि है। व्यंजन संधि में, जब दो या दो से अधिक व्यंजन एक साथ आते हैं, तो उनमें से एक व्यंजन का लोप हो जाता है या उनमें से कोई अन्य व्यंजन बन जाता है।
2. 'वागीश' शब्द में, 'वाक्' के अंत में व्यंजन 'क्' है और 'ईश' के आरंभ में व्यंजन 'इ' है। इन दोनों व्यंजनों के मेल से 'गी' व्यंजन बनता है। इसलिए, 'वागीश' शब्द में व्यंजन संधि है।
3. वागीश' शब्द का संधि विच्छेद वाक् + ईश = वागीश है।
Q:निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नके उत्तर दीजिए :
इतिहास प्रमाणित कर देता है कि ऐसे दासत्व बहुत काल के उपरान्त एक अद्भुत संहारक शक्ति को जन्म देते हैं, जिसकी बाढ़ को रोकने में शक्तिशाली भी समर्थ नहीं हो सके। मनुष्य स्वभावतः जीवन से बहुत प्यार करता है, परन्तु जब सहयोगियों के निष्ठुर उत्पीड़न से वह नितान्त दुर्वह हो उठता है, तब उसकी ममता घोरतम विरक्ति में परिवर्तित हो जाती है। पीड़ितों का समाधान संभव हो सकता है, परन्तु ऐसे में हताश और जीवन के प्रति निर्मम व्यक्तियों का संभाषण संभव नहीं है। ऐसे व्यक्तियों का वेग आँधी के समान चक्षुहीन, बाढ़ के समान दिशाहीन और विद्युत के समान लक्ष्यहीन हो जाता है।
निम्नलिखित में से कौन - सा शब्द ' दुर्वह ' का समानार्थी है?
1246 0621f4684b407d048264c73e3
621f4684b407d048264c73e3इतिहास प्रमाणित कर देता है कि ऐसे दासत्व बहुत काल के उपरान्त एक अद्भुत संहारक शक्ति को जन्म देते हैं, जिसकी बाढ़ को रोकने में शक्तिशाली भी समर्थ नहीं हो सके। मनुष्य स्वभावतः जीवन से बहुत प्यार करता है, परन्तु जब सहयोगियों के निष्ठुर उत्पीड़न से वह नितान्त दुर्वह हो उठता है, तब उसकी ममता घोरतम विरक्ति में परिवर्तित हो जाती है। पीड़ितों का समाधान संभव हो सकता है, परन्तु ऐसे में हताश और जीवन के प्रति निर्मम व्यक्तियों का संभाषण संभव नहीं है। ऐसे व्यक्तियों का वेग आँधी के समान चक्षुहीन, बाढ़ के समान दिशाहीन और विद्युत के समान लक्ष्यहीन हो जाता है।
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Answer : 3. "असह्य "
Q: कौनसा शब्द 'कृश' का विलोम है?
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6259369d78843749606c0ae3- 1तनुfalse
- 2उग्रfalse
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- 4सूक्ष्मfalse
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Answer : 3. "स्थूल"
Q: निम्नलिखित में 'देशज' शब्द कौन सा है?
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63a05c079226db5b77da7aef- 1गोदामfalse
- 2तेंदुआtrue
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Answer : 2. "तेंदुआ"
Q:निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नउत्तर लिखिए :
सुखी, सफल और उत्तम जीवन जीने के लिए किए गए आचरण और प्रयत्नों का नाम ही धर्म है। देश, काल और सामाजिक मूल्यों की दृष्टि से संसार में भारी विविधता है , अतएव अपने - अपने ढंग से जीवन को पूर्णता की ओर ले जानेवाले विविध धर्मों के बीच भी ऊपर से विविधता दिखाई देती है। आदमी का स्वभाव है कि वह अपने विचारों और जीने के तौर तरीकों को तथा अपनी भाषा और खानपान को सर्वश्रेष्ठ मानता है तथा चाहता है कि लोग उसी का अनुसरण और अनुकरण करें; यथाशक्ति दूसरों से अपने धर्म को श्रेष्ठतर समझते हुए वह चाहता है कि सभी लोग उसे अपनाएँ। इसके लिए वह जोर - जबर्दस्ती को भी बुरा नहीं समझता। धर्म के नाम पर होनेवाले जातिगत विद्वेष, मारकाट और हिंसा के पीछे मनुष्य की यही स्वार्थ भावना काम करती है।
'उत्तम' का विलोम है
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6231e37eafe5316e153c3161सुखी, सफल और उत्तम जीवन जीने के लिए किए गए आचरण और प्रयत्नों का नाम ही धर्म है। देश, काल और सामाजिक मूल्यों की दृष्टि से संसार में भारी विविधता है , अतएव अपने - अपने ढंग से जीवन को पूर्णता की ओर ले जानेवाले विविध धर्मों के बीच भी ऊपर से विविधता दिखाई देती है। आदमी का स्वभाव है कि वह अपने विचारों और जीने के तौर तरीकों को तथा अपनी भाषा और खानपान को सर्वश्रेष्ठ मानता है तथा चाहता है कि लोग उसी का अनुसरण और अनुकरण करें; यथाशक्ति दूसरों से अपने धर्म को श्रेष्ठतर समझते हुए वह चाहता है कि सभी लोग उसे अपनाएँ। इसके लिए वह जोर - जबर्दस्ती को भी बुरा नहीं समझता। धर्म के नाम पर होनेवाले जातिगत विद्वेष, मारकाट और हिंसा के पीछे मनुष्य की यही स्वार्थ भावना काम करती है।
- 1अगमfalse
- 2अधमtrue
- 3उच्चfalse
- 4अज्ञfalse
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Answer : 2. "अधम "
Q: निम्नलिखित में से असंगत कथन है :
1245 06231e96ade069f6e1b8854e2
6231e96ade069f6e1b8854e2- 1सरल वाक्य में एक उद्देश्य व एक ही विधेय होता है।false
- 2मिश्र वाक्य में एक से अधिक मुख्य उपवाक्य तथा अन्य आश्रित उपवाक्य होते हैं।true
- 3संयुक्त वाक्य में दो या दो से अधिक साधारण वाक्य किसी संयोजक से जुड़े रहते हैं।false
- 4मिश्र वाक्य व उपवाक्यों को जोड़ने का काम समुच्चयबोधक करते हैं।false
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Answer : 2. "मिश्र वाक्य में एक से अधिक मुख्य उपवाक्य तथा अन्य आश्रित उपवाक्य होते हैं। "
Q:निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नउत्तर लिखिए :
आचार्य द्रोण महर्षि भरद्वाज के पुत्र थे। पांचाल - नरेश का पुत्र द्रुपद भी द्रोण के साथ ही भरद्वाज - आश्रम में शिक्षा पा रहा था। दोनों में गहरी मित्रता थी। कभी - कभी राजकुमार द्रुपद उत्साह में आकर दोण से यहाँ तक कह देता था कि पांचाल देश का राजा बन जाने पर मैं आधा राज्य तुम्हें दे दूँगा। शक्षा समाप्त होने पर द्रोणाचार्य ने कृपाचार्य की बहन से ब्याह कर लिया। उससे उनके एक पुत्र हुआ, जिसका नाम उन्होंने अश्वत्थामा रखा । द्रोण अपनी पत्नी और पुत्र को बड़ा प्रेम करते थे। द्रोण बड़े गरीब थे। वह चाहते थे कि धन गप्त किया जाए और अपनी पत्नी व पुत्र के साथ सुख से रहा जाए । उन्हें खबर लगी कि परशुराम अपनी सारी संपत्ति गरीब ब्राह्मणों को बाँट रहे हैं , तो भागे - भागे उनके पास गए , लेकिन उनके नहुँचने तक परशुराम अपनी सारी संपत्ति वितरित कर चुके थे और वन - गमन की तैयारी कर रहे थे । दोण को देखकर वह बोले- " ब्राह्मण श्रेष्ठ ! आपका स्वागत है। पर मेरे पास जो कुछ था , वह मैं बाँट चुका हूँ । अब यह मेरा शरीर और धनुर्विद्या ही है। बताइए, मैं आपके लिए क्या करूँ? "
राजकुमार में कौन सा समास है?
1242 06231e6309980d16e3644134a
6231e6309980d16e3644134aआचार्य द्रोण महर्षि भरद्वाज के पुत्र थे। पांचाल - नरेश का पुत्र द्रुपद भी द्रोण के साथ ही भरद्वाज - आश्रम में शिक्षा पा रहा था। दोनों में गहरी मित्रता थी। कभी - कभी राजकुमार द्रुपद उत्साह में आकर दोण से यहाँ तक कह देता था कि पांचाल देश का राजा बन जाने पर मैं आधा राज्य तुम्हें दे दूँगा। शक्षा समाप्त होने पर द्रोणाचार्य ने कृपाचार्य की बहन से ब्याह कर लिया। उससे उनके एक पुत्र हुआ, जिसका नाम उन्होंने अश्वत्थामा रखा । द्रोण अपनी पत्नी और पुत्र को बड़ा प्रेम करते थे। द्रोण बड़े गरीब थे। वह चाहते थे कि धन गप्त किया जाए और अपनी पत्नी व पुत्र के साथ सुख से रहा जाए । उन्हें खबर लगी कि परशुराम अपनी सारी संपत्ति गरीब ब्राह्मणों को बाँट रहे हैं , तो भागे - भागे उनके पास गए , लेकिन उनके नहुँचने तक परशुराम अपनी सारी संपत्ति वितरित कर चुके थे और वन - गमन की तैयारी कर रहे थे । दोण को देखकर वह बोले- " ब्राह्मण श्रेष्ठ ! आपका स्वागत है। पर मेरे पास जो कुछ था , वह मैं बाँट चुका हूँ । अब यह मेरा शरीर और धनुर्विद्या ही है। बताइए, मैं आपके लिए क्या करूँ? "
- 1तत्पुरुष समासtrue
- 2कर्मधारय समासfalse
- 3अव्ययीभाव समासfalse
- 4द्विगु समासfalse
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